भूख से व्याकुल पैंथर घासीपुरा आबादी क्षेत्र में घुसा
3 घंटे की मशक्कत के बाद जयपुर से आई वन विभाग की टीम ने पैंथर को पकड़ने में प्राप्त की सफलता
सरसों के खेत में पैंथर होने की सूचना पर उमड़े ग्रामीण
मनोहरपुर
घासीपुरा पंचायत की सापला की ढाणी में शनिवार सुबह 7 बजे सरसों के खेत में भूख से व्याकुल एक पैंथर आ गया जिससे आसपास के लोगों में दहशत का माहौल रहा बाद में जयपुर से आई वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने ट्रेंकुलाइजर कर पैंथर को पकड़ लिया तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली!
जानकारी के अनुसार घासीपुरा पंचायत की सापला की ढाणी मैं सुबह 7 बजे सरसों के खेत में एक किसान को पैंथर बैठा हुआ दिखाई दिया जिस पर उसने अन्य ग्रामीणों को सूचना दी सूचना पर काफी संख्या में लोग ढाणी में एकत्रित हो गए जिन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को खेत में पैंथर होने की जानकारी दी सूचना मिलते ही फॉरेस्टर बाबूलाल मीणा, बनवारी मान, मुकेश मीणा, राजू लाल, प्रकाश स्वामी एवं लक्ष्मी नारायण यादव की टीम मौके पर पहुंची जहां पैंथर खेत में चुपचाप बैठा हुआ था टीम ने पैंथर के सही सलामत होने उसे पकड़ने के लिए जयपुर से टीम बुलाई जिसने पैंथर को टैकोलाइजर कर उसे पकड़ने में सफलता प्राप्त की,
3 घंटे की मशक्कत के बाद पैंथर पकड़ा गया!
फॉरेस्टर बाबू लाल मीणा ने बताया कि सरसों के खेत में आए पेंथर को पकड़ने में वन विभाग को काफी मशक्कत करनी पड़ी वन विभाग की टीम ने जैसे ही पेंथर को गम से टेबुलाइजर किया पैंथर उठ कर भाग गया जो थोड़ी दूर पर जाकर बेहोश हो गया पैंथर को पकड़ने में टीम को 3 घंटे की मशक्कत करनी पड़ी!
स्वास्थ्य परीक्षण किया
जयपुर से आई वन विभाग की टीम के चिकित्सक अरविंद कुमार एवं नंदलाल शर्मा ने पैंथर को वन चौकी लाकर उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया किया!
4 वर्ष का नर पैंथर था
चिकित्सक रविंद्र कुमार ने बताया कि सरसों के खेत में मिला पैंथर 4 वर्ष का नर पैंथर था!
भूख के चलते आया था आबादी क्षेत्र में
वन विभाग मनोहरपुर के फॉरेस्टर बाबूलाल मीणा ने बताया कि वन विभाग के चिकित्सकों द्वारा पैंथर की जांच करने पर यह सामने आया कि पैंथर भूखा था और भूख के कारण नहीं चल पाने से वह सरसों के खेत में आराम से बैठ गया!
जयपुर जू में भिजवाया
वन विभाग की टीम ने पैंथर का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद उसके स्वस्थ होने पर उसे जयपुर जू में भिजवा दिया!
क्या कहते हैं वन विभाग के फॉरेस्ट
वन विभाग मनोहरपुर के फॉरेस्ट बाबूलाल मीणा का कहना है की पैंथर संभवत बिशनगढ़ व केरली के वन क्षेत्र से भूख के चलते यहां गया और नहीं चल पाने के कारण यहां सरसों के खेत में बैठ गया था जहां वह शिकार की तलाश कर रहा था!

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