जयपुर. आगामी 17 दिसंबर को प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार अपना एक साल पूरा करने जा रही है. गहलोत सरकार पहली वर्षगांठ भव्य तरीके से मनाएगी. मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने सभी विभागों से एक वर्ष की उपलब्धियां मांगी है. एक वर्ष में किस विभाग ने कितने नवाचार किए गए इसकी जानकारी भी मांगी गई है. मुख्यमंत्री कार्यालय ने सभी विभागों को 10 दिसंबर तक का संपूर्ण ब्यौरा देने के निर्देश दिए हैं.
उपलब्धियों को रखा जाएगा जनता के सामने
सूत्रों के अनुसार एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बड़ी घोषणा भी कर सकते हैं. राज्य में सत्ता परिर्वतन के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गत वर्ष 17 दिसंबर को शपथ ग्रहण की थी. सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर बुकलेट्स और विज्ञापनों के जरिए इस अवधि की उपलब्धियों को जनता के सामने रखा जाएगा.
एक वर्ष में गहलोत सरकार की उपलब्धियां
- किसानों का फसल ऋण माफ
- बेरोजगारों को रोजगार भत्ता
- पंचायत चुनाव में लगी शैक्षणिक बाध्यता समाप्त
- मुख्यमंत्री निशुल्क जांच/ दवा योजना फिर से शुरू
- गरीबों को एक रुपए किलो में गेहूं
- वृद्ध/ विधवा /विकलांग पेंशन योजना में बढ़ोतरी
- मनरेगा मजदूरों के कार्य दिवस में बढ़ोतरी
- एमबीसी के तहत गुर्जर समाज को आरक्षण
जनघोषणा पत्र के अहम बिंदुओं को उतारा धरातल पर
गहलोत सरकार ने सरकारी दस्तावेज बने जनघोषणा-पत्र के अहम बिंदुओं को एक साल में पूरा कर दिया है. गहलोत कैबिनेट की पहली बैठक में वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत दी जाने वाली पेंशन राशि प्रतिमाह 500 रुपए से बढ़ाकर 750 रुपए तथा 750 रुपए से बढ़ाकर 1000 कर दी गई थी.
अब फोकस लोक कल्याणकारी योजनाओं पर
वहीं गहलोत सरकार ने गुर्जरों सहित पांच जातियों को एमबीसी के तहत आरक्षण देकर इस विवाद पर विराम लगा दिया. सत्ता के विकेंद्रीकरण के लिए सरकार ने पिछली सरकार के समय पंचायत चुनाव में लगी न्यूनतम शैक्षणिक योग्तया की बाध्यता को समाप्त कर दिया.
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक वर्ष के अपने शासन के दौरान सरकारी दस्तावेज बने जनघोषणा-पत्र के अहम बिंदुओं को धरातल पर उतारकर आलोचकों बोलती बंद कर दी. अब सरकार का मुख्य फोकस लोक कल्याणकारी योजनाओं को अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाने पर है.
उपलब्धियों को रखा जाएगा जनता के सामने
सूत्रों के अनुसार एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बड़ी घोषणा भी कर सकते हैं. राज्य में सत्ता परिर्वतन के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गत वर्ष 17 दिसंबर को शपथ ग्रहण की थी. सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर बुकलेट्स और विज्ञापनों के जरिए इस अवधि की उपलब्धियों को जनता के सामने रखा जाएगा.
एक वर्ष में गहलोत सरकार की उपलब्धियां
- किसानों का फसल ऋण माफ
- बेरोजगारों को रोजगार भत्ता
- पंचायत चुनाव में लगी शैक्षणिक बाध्यता समाप्त
- मुख्यमंत्री निशुल्क जांच/ दवा योजना फिर से शुरू
- गरीबों को एक रुपए किलो में गेहूं
- वृद्ध/ विधवा /विकलांग पेंशन योजना में बढ़ोतरी
- मनरेगा मजदूरों के कार्य दिवस में बढ़ोतरी
- एमबीसी के तहत गुर्जर समाज को आरक्षण
जनघोषणा पत्र के अहम बिंदुओं को उतारा धरातल पर
गहलोत सरकार ने सरकारी दस्तावेज बने जनघोषणा-पत्र के अहम बिंदुओं को एक साल में पूरा कर दिया है. गहलोत कैबिनेट की पहली बैठक में वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत दी जाने वाली पेंशन राशि प्रतिमाह 500 रुपए से बढ़ाकर 750 रुपए तथा 750 रुपए से बढ़ाकर 1000 कर दी गई थी.
अब फोकस लोक कल्याणकारी योजनाओं पर
वहीं गहलोत सरकार ने गुर्जरों सहित पांच जातियों को एमबीसी के तहत आरक्षण देकर इस विवाद पर विराम लगा दिया. सत्ता के विकेंद्रीकरण के लिए सरकार ने पिछली सरकार के समय पंचायत चुनाव में लगी न्यूनतम शैक्षणिक योग्तया की बाध्यता को समाप्त कर दिया.
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक वर्ष के अपने शासन के दौरान सरकारी दस्तावेज बने जनघोषणा-पत्र के अहम बिंदुओं को धरातल पर उतारकर आलोचकों बोलती बंद कर दी. अब सरकार का मुख्य फोकस लोक कल्याणकारी योजनाओं को अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाने पर है.

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